Skip to main content

Posts

Showing posts with the label कुमार विश्वास

लोग कहते हैं मुझे प्यार सिखाना आये, कुमार विश्वास

लोग कहते हैं मुझे प्यार सिखाना आये, मैं जो गा दूँ तो वही सारा ज़माना गाये, फिर भी एक गीत है जो प्राणों में चुपचाप पड़ा, कई जन्मों से मेरे होंठो पे आना चाहे; आखिरी गीत वही मुझसे गवा दे सावन, इश्क बुझता है इसे कुछ तो हवा दे सावन; उसके पैर की एक पायल … उसके पैर की एक पायल ने ही सबको पागल बना रखा है खुदा का शुक्र है कि उसने दोनों पैरों में पायल नही पहनी उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती / कुमार विश्वास उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती हमको ही ख़ासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलती मुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह में, दिल में, जिस्म में दुनिया ढूंढता हूँ मगर नहीं मिलती लोग कहते हैं रूह बिकती है मैं जहाँ हूँ उधर नहीं मिलती " नहीं हम में कोई अनबन नहीं है , बस इतना है कि अब वो मन नही है ! मैं अपने आप को सुलझा रहा हूँ , तुम्हें लेकर कोई उलझन नहीं है...!"